Sheikhpura में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर फैली अफवाहों को स्वास्थ्य विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार को शेखपुरा सदर अस्पताल स्थित सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार, एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है। सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जिले में
9 से 14 वर्ष एवं 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए विशेष अभियान के तहत एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा टीकाकरण से गर्भावस्था प्रभावित होने जैसी भ्रामक खबरें फैलाई गई थीं, जिससे अभियान प्रभावित हो रहा था। उन्होंने इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया।उन्होंने कहा कि वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारत सरकार की
प्रयोगशालाओं द्वारा जांच के बाद ही प्रमाणित किया गया है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और बालिकाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए दिया जा रहा है। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं में मृत्यु का एक प्रमुख कारण गर्भाशय कैंसर है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव में अत्यंत प्रभावी है और इसके माध्यम से भविष्य में महिलाओं की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए चल रहे अभियान के तहत अब
तक 11,705 बच्चियों को पहला डोज तथा 2,274 को दूसरा डोज दिया जा चुका है। वहीं 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए ‘गार्डासिल’ वैक्सीन दी जा रही है, जिसके लिए 8,038 बच्चियों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक लगभग 500 बच्चियों को यह टीका लगाया जा चुका है। यह वैक्सीन एक बार दिए जाने पर गर्भाशय कैंसर के खतरे को करीब 90 प्रतिशत तक कम कर देती है।
टीकाकरण की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि शेखपुरा प्रखंड का प्रदर्शन सबसे बेहतर है, जबकि बरबीघा प्रखंड में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है, जिसे सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोल्ड चेन मैनेजर डॉ. परमानंद कुमार, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजली राय, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
