साक्ष्य के अभाव में पांच आरोपित बरी, जन आंदोलन से जुड़े मामले में अदालत का फैसला


Sheikhpura, 28 अप्रैल 2026:
स्थानीय न्यायालय में आज एक महत्वपूर्ण फैसले में माननीय न्यायाधीश श्री रोहित रंजन ने जीआर संख्या 978/017 (सरकार बनाम रंजीत कुमार सिंह उर्फ बुधन सहित अन्य) मामले में पांच आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। बरी किए गए लोगों में रंजीत कुमार सिंह उर्फ बुधन भाई, अशोक कुमार, भूपेश कुमार, मंटू कुमार एवं चंद्रमौली सिंह शामिल हैं।


मामला क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर वर्षों पूर्व हुए आंदोलन से जुड़ा था। जानकारी के अनुसार, उस समय क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति अत्यंत खराब थी। बार-बार तार टूटने, कॉल (लाइन) फॉल्ट और कई-कई दिनों तक बिजली नहीं रहने से आमजन परेशान थे। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।


इसी को लेकर वर्ष 2017 से ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन शुरू किया। आंदोलनकारियों की मांग थी कि क्षेत्र को बेहतर आपूर्ति के लिए समीप के बर्मा फीडर से जोड़ा जाए। इस दौरान कई बार प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए।
बाद में सरकार की योजनाओं के तहत दीनदयाल पावर सब-स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार एवं सहायक अभियंता सूरज कुमार के प्रयासों से सर्वे कर भदौस

मोड़ पर सब-स्टेशन के लिए जमीन चयनित की गई और अंततः परियोजना पूरी हुई, जिससे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार आया।इस संबंध में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष रहे एक आंदोलनकारी ने बताया कि उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से जनहित के मुद्दों को उठाया और संघर्ष के बल पर ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार संभव हो पाया। उन्होंने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शुरू से न्यायपालिका पर भरोसा था।आरोपितों ने अपने

अधिवक्ता श्री गोपाल बाबू के प्रति आभार जताया, जिन्होंने बिना शुल्क लिए उनका पक्ष रखा। साथ ही सभी आंदोलनकारी साथियों और क्षेत्रीय जनता के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।न्यायालय के इस फैसले के बाद संबंधित पक्षों में खुशी का माहौल देखा गया।


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