मनमाना राशि नहीं देने पर शौचालय कर्मी ने दलित युवक को पीटा

अवैध वसूली पर खुला चैलेंज डीएम और सीएम क्या कर लेंगे

बरबीघा:-नगर परिषद बरबीघा कार्यालय के बगल में स्थित डीलक्स शौचालय में हो रहे मनमानी वसूली का विरोध करना एक दलित युवक को काफी महंगा पड़ा.आरोप है कि शौचालय कर्मी के साथ-साथ उनके अन्य गुर्गों के द्वारा युवक के साथ धक्का-मुक्की किया जाने लगा.बात इतना बढ़ गया कि युवक को वहीं पर अपना साइकिल छोड़कर भागना पड़ गया.

थोड़ी देर बाद युवक की सूचना पर पहुंचे मीडिया कर्मी और पुलिस के सहयोग से मामला शांत हो सका. मामले को लेकर पीड़ित युवक गंगटी गांव निवासी रामप्रवेश मांझी के 20 वर्षीय पुत्र मुंगेरी मांझी ने बताया कि वह ईट भट्ठा पर काम करता है.रविवार की संध्या लगभग 8:30 बजे घर लौटते समय उसे अचानक लैटरिंग लग गया. वह नगर परिषद के डीलक्स शौचालय में गया जहां उसे शौचालय करने के बदले निर्धारित सरकारी दर ₹5 की बजाय दुगन राशि यानी की ₹10 मांगा गया.जिसका विरोध किया तो शौचालय के कर्मी में उसके साथ धक्का मुक्की और मारपीट करने लगे.

पीड़ित युवक ने जब शौचालय में हो रही अवैध वसूली का वीडियो बनाया बनाना शुरू किया तो शौचालय कर्मी आग बबुला हो उठे.शौचालय के कर्मियों ने अपने कुछ अन्य गुर्गों को भी बुला लिया इसके बाद पीड़ित को वहां से भागना पड़ गया. हद तो तब हो गई जब मीडिया कर्मी ने शौचालय में हो रहे अवैध वसूली के बारे में पूछा कर्मियों से पूछा तो जबाब मिला, अवैध वसूली होगी.

डीएम और सीएम मेरा क्या कर लेगा? शौचालय साफ करने के लिए डीएम साहब आएंगे क्या?

शौचालय कर्मी के इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. शौचालय कर्मी का यह बयान बताता है कि उसे कानून व्यवस्था का कोई डर नहीं है. उधर पूरे मामले पर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ रमन कुमार ने कहा है कि डीलक्स शौचालय में निर्धारित राशि से अधिक वसूलना गैरकानूनी है. इस विषय में जांच कर ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.उधर मामले को लेकर पीड़ित युवक मुंगेरी मांझी ने बरबीघा थाना में शौचालय कर्मी के खिलाफ लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है.

थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जल्द ही इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब हो कि इससे पहले भी हाई स्कूल के सामने स्थित डीलक्स शौचालय में अवैध वसूली का मामला उछल चुका है. इसलिए बावजूद इस पर रोक नहीं लगना नगर परिषद कार्यलय की भूमिका पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है.वही इस मामले पर डीलक्स शौचालय के कर्मियों कहना है कि उनपर मारपीट करने का लगाया गया आरोप वेबुनियाद है. लड़के ने आकर ही सबसे पहले बदतमीजी की थी जिसके बाद बात बढ़ गया था.बहरहाल देखना होगा कि शेखपुरा के जिलाधिकारी इस मामले पर कोई संज्ञान लेते हैं या नहीं.


Posted

in

by

Tags: