DGP साहेब ने दी थानेदारों को सख्त हिदायत, स्टेशन डायरी अपडेट नहीं मिला तो कर देंगे सस्पेंड

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Desk: सूबे के थानों की बिगड़ी स्थिती सुधारने के लिए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने सभी थानेदार को नया निर्देश दिया है. बिहार के DGP ने राज्‍यभर के SHO को हर हाल में स्‍टेशन डायरी मेंटेन करने का निर्देश दिया है.

ऐसा न करने वाले थानेदार को निलंबित कर दिया जाएगा. एसके सिंघल ने बताया कि वह कभी भी और किसी भी वक्‍त थानों का औचक निरीक्षण कर सकते हैं और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई की जा सकती है. उन्‍होंने कहा कि बिहार में अगर थाने की स्टेशन डायरी अपडेट नहीं होगा तो थानेदार निलंबित कर दिए जाएंगे.

बिहार के डीजीपी एसके सिंघल ने बिहार भर के थानेदारों को इस बात की सख्त हिदायत दी है कि वे थाने की व्यवस्था को दुरुस्त रखें. DGP बिहार पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ राज्य के किसी भी थाने में किसी भी वक्त औचक निरीक्षण के लिए पहुंच सकते हैं. इसी कड़ी में डीजीपी ने राजधानी पटना के गांधी मैदान और ट्रैफिक थाना का शुक्रवार की शाम औचक निरीक्षण किया. इस दौरान बीजेपी ने गांधी मैदान थाने की स्टेशन डायरी को जब अपडेट नहीं देखा तब सख्‍त नाराजगी जताई. उन्होंने थानेदार से इसका स्पष्टीकरण पूछा और जब थानेदार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया तब उन्‍हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबित थानेदार का नाम पुलिस इंस्पेक्टर रंजीत वत्स है.

 

 

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मैट्रिक में फेल होने पर छात्र ने की खुदकुशी की कोशिश, इलाज जारी

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Desk: सूबे में मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट आ गया है. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है. वहीं, कुछ छात्र फेल भी हो गए हैं. बिहार बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में असफल रहने वाले छात्रों को लेकर मुंगेर से दुखद खबर सामने आई है. मैट्रिक परीक्षा में फेल होने पर एक छात्र ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की है. वहीं, एक अन्‍य छात्रा परीक्षा परिणाम के बारे में जानकर बेहोश हो गईं. दोनों छात्रों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल दोनों छात्रों का मुंगेर के सदर अस्‍पताल में इलाज चल रहा है. सुसाइड का प्रयास करने वाले छात्र के परिजन उनके इस कदम से सकते में हैं.

मुंगेर में मैट्रिक कि परीक्षा में फेल होने के कारण मयदरियापुर के एक छात्र जहरीला पदार्थ खा लिया. वहीं, 10वीं की परीक्षा में असफल होने पर शंकरपुर कि एक छात्रा बेहोश हो गई. छात्र-छात्रा के परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल में भर्ती कराया.

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मयदरियापुर निवासी रविन्द्र मंडल के पुत्र अखिलेश कुमार मैट्रिक परीक्षा में फेल हो गए. इसकी जानकारी मिलने के बाद अखिलेश ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की. समय रहते इस बात कि जानकारी अखिलेश के परिजनों को लग गई और उन्‍होंने अखिलेश को सदर अस्पताल में दाखिल कराया. समय पर इलाज मिलने के कारण अखिलेश कि जान बच गई. अखिलेश को हिन्दी विषय में सबसे कम नम्बर आए हैं.

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सरकारी स्कूल में खैनी खाते पकड़े गए मास्टर साहेब, तो हो जाएंगे सस्पेंड

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Desk: बिहार सरकार ने खैनी खाने को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है. सरकारी स्कूल में यदि कोई टीचर खैनी खाते पकड़े गए तो उनको तत्काल सस्पेंड कर दिया जाएगा. नशा मुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग खैनी खाने वाले शिक्षकों पर रोक लगाने वाली है.

दरअसल, सरकार को शिकायत मिली थी सूबे के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के दौरान बड़े ही आराम से खैनी बनाकर खाते हैं. खैनी खाने के बाद ही बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू होता है. शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने कठोर फैसला लिया है. ऐसा करने वाले शिक्षकों ने तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा.

इसको लेकर शिक्षा विभाग जल्द ही चुनौटी और खैनी के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक अब क्लास रूम या स्कूल कैंपस में खैनी रगड़ने वाले गुरुजी पर प्रशासन की नजर रहेगी. इसको लेकर शिक्षा विभाग सभी जिलों के डीएम, एसपी और डीईओ को जल्द निर्देश जारी करने वाला है. ऐसे शिक्षकों को पकड़ने के लिए शिक्षा विभाग स्थानीय पुलिस की मदद लेगा और सूचना मिलने पर स्कूलों में छापेमारी की जाएगी. इससे पहले विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि बच्चों को तंबाकू का नुकसान भी समझाया जा सके. आदेश जारी होते ही जिले के डीईओ, डीपीओ से लेकर पुलिस अधिकारी कभी भी स्कूलों में छापेमारी कर सकते हैं. इसको लेकर विभाग की ओर से पूरी प्लानिंग की जा चुकी है. खैनी खाते या रखते पकड़े जाने पर शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी.

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मैट्रिक का रिजल्ट जारी, औरंगाबाद की रामायणी राय बनी टॉपर

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Desk: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. बिहार में इस बार मैट्रिक के नतीजों में 79.88  प्रतिशत बच्चों ने सफलता हासिल की है. मैट्रिक की परीक्षा में औरंगाबाद की रामायणी राय टॉपर बनी हैं. दूसरे नम्बर पर सानिया कुमारी, नवादा और विवेक कुमार ठाकुर, मधुबनी हैं. तीसरे स्थान पर औरंगाबाद की प्रज्ञा कुमारी रही हैं.

बिहार टॉपर रामायणी को  500 में 487, नवादा की सानिया और विवेक ठाकुर जो कि दूसरे स्थान पर हैं को 500 में 486 नंबर मिले हैं. रिजल्ट की घोषणा शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने शाम के 3 बजे जारी किया. बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट परीक्षा से महज 34 दिनों बाद आया है. रिजल्ट जारी कर बीएसईबी ने देशभर में सबसे पहले रिजल्ट जारी करने का रिकॉर्ड बनाने जा रहा है. रिजल्ट biharboardonline.bihar.gov.in पर चेक करें.

बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में लगभग 17 लाख छात्र शामिल हुए थे. बोर्ड द्वारा लगभग 85 लाख कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था. परीक्षा में राज्यभर से 16 लाख 48 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे. 10वीं की परीक्षा 24 फरवरी को संपन्न हुई थी. बिहार बोर्ड मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा की कॉपियों की जांच 5 मार्च से शुरू हुई थी.
बिहार में मैट्रिक की परीक्षा के नतीजों की बात करें तो पिछले पांच सालों से रिजल्ट में काफी सुधार हुआ है. साल 2017 में 50.12 फीसदी, 2018 में 68.89 फीसदी, 2019 में 80.73 फीसदी, 2020 में 80.59 फीसदी और 2021 में 78.17 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए थे. मालूम हो कि बिहार सरकार मैट्रिक स्तर पर मेधा को प्रोत्साहित करने के लिए फर्स्ट टॉपर को एक लाख रुपए, लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर प्रदान करती है.

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विधानसभा से पास हुआ शराबबंदी संशोधन बिल, बिहार में अब जुर्माना देकर छूट जाएंगे दारूबाज

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Desk: शराबबंदी संशोधन विधेयक बिहार विधानसभा में पास हो गया है. राज्य के मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री सुनील कुमार ने बुधवार को विधानमंडल के पटल पर मद्य निषेध और उत्‍पाद संशोधन विधेयक 2022 पेश किया जहां से यह पास हो गया. अब इस नए विधेयक पर राज्यपाल की मुहर लगनी बाकी है जिसके बाद यह कानून बन जाएगा. बता दें कि इस संशोधन विधेयक को नीतीश कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी थी.

शराबबंदी संशोधन पर मद्य निषेध और उत्पाद मंत्री सुनील कुमार का कहना है कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा. लेकिन दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा. बार-बार पकड़े जाने पर जेल जाना ही होगा. सभी बिंदुओं पर विचार के बाद संशोधन किया गया है.

बिहार मद्य निषेध और उत्पाद संशोधन विधेयक 2022 नजदीकी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. इसके तहत अब जुर्माना देकर पकड़ा गया आरोपी छूट सकता है. जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की सजा हो सकती है. बार-बार पकड़े जाने पर जेल और जुर्माना दोनों होगा. जुर्माने की राशि राज्य सरकार तय करेगी. पुलिस को मजिस्ट्रेट के सामने जब्त सामान नहीं पेश करना होगा. पुलिस पदाधिकारी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश कर सकते हैं. नमूना सुरक्षित रख कर जब्त सामान को नष्ट किया जा सकेगा. इसके लिए परिवहन की चुनौती और भू-भाग की समस्या दिखाना होगा. जिलाधिकारी के आदेश तक जब्त वस्तुओं को सुरक्षित रखना जरूरी नहीं. साथ ही मामले की सुनवाई एक साल के अंदर पूरी करनी होगी. धारा 37 में सजा पूरा कर चुका आरोपी जेल से छूट जाएगा.

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बेलौनी गांव के पास भीषण सड़क हादसे में शख्स घायल, सामने से आ रही बाइक ने मार दी टक्कर

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Sheikhpura: बेलौनी घाटकुसुंभा मुख्य मार्ग पर बेलौनी गांव के समीप दो बाइक आमने-सामने में टक्कर हो गई. जिससे दोनों बाइक पर सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे स्थानीय लोगों की मदद से शेखपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

इस सड़क हादसे में घायल लखीसराय जिले के जानपुर गांव निवासी अवधेश साव के पुत्र सुजीत कुमार ने बताया कि वह शेखपुरा अपने रिश्तेदार के यहां आया था. वही अपने गांव जानपुर की ओर जा रहा था. इस दौरान बेलोनी गांव के समीप घाटकुसुंभा की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बाइक ने मेरे बाइक में टक्कर मार दिया. जिससे बाइक पर सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार कोरमा थाना अंतर्गत जितवारपुर गांव निवासी सुभाष राम के पुत्र सोनू कुमार का हालत गंभीर रहने पर सदर अस्पताल से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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आज बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट होगा जारी, यहां कर सकेंगे चेक

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Desk: बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट आज यानी 29 मार्च 2022 को जारी किया जा सकता है. जिसके बाद छात्र आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकेंगे. इसके अलावा डीजी लॉकर ऐप या वेबसाइट के माध्यम से भी रिजल्ट चेक किया जा सकेगा. गौरतलब है कि इस वर्ष तकरीबन 17 लाख छात्रों ने बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा की परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था.

 

बताते चलें कि बिहार बोर्ड ने मोतिहारी जिले के छात्रों के लिए 24 मार्च को गणित विषय की दोबारा परीक्षा आयोजित की थी. जिसके चलते रिजल्ट में देरी हुई. हालांकि जानकारी के अनुसार अब मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आज बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी किया जा सकता है.

 

बिहार बोर्ड 12वीं कक्षा का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया गया था, ऐसे में 10वीं का रिजल्ट भी ऑनलाइन ही जारी होगा. जिसके बाद छात्र biharboardonline.bihar.gov.in से रिजल्ट चेक कर सकेंगे. रिजल्ट के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी आज ही जारी की जा सकती है. ऊपर दी गई वेबसाइट क्रैश होने की स्थिति में छात्र वैकल्पिक रूप से Onlinebseb.in, Biharboardonline.com के माध्यम से भी रिजल्ट चेक कर सकेंगे.

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इंटर में फेल हो गई थी छात्रा, पास करवाने का झांसा देकर मास्टरजी ने गुपचुप तरीके से घर पर बुलाया, फिर हो गया…

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Desk:  परीक्षा में पास करवाने के नाम पर लड़की को मिलने के अकेले घर पर बुलाना शिक्षक को खासा महंगा पड़ गया. दरअसल 12वीं की परीक्षा में छात्रा का नंबर बढ़ाने के बहाने शिक्षक ने छात्रा को अकेले में बुलाया था. छात्रा ने इस बात की सूचना अपने घरवालों को दे दी, फिर क्या था परिजन बिना देर किये न केवल घटनास्थल पर पहुंचे बल्कि शिक्षक की जमकर धुनाई भी कर दी. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षक को बचाया और अपने साथ थाना ले आई.

घटना मुंगेर की है जहां रविवार की देर रात ये मामला सामने आया. कोतवाली थाना क्षेत्र के शादीपुर मोहल्ले में इस घटना को लेकर काफी देर तक अफरातफरी मची रही. घटना की जानकारी ली गई तो मामला शिक्षक के द्वारा छात्रा को परीक्षा में नंबर बढ़ाने को लेकर घर बुलाने का निकला.

जानकारी के अनुसार शादीपुर मुहल्ले में राजद के जिला सचिव सह एक कॉलेज में तैनात शिक्षक बीएन ठाकुर द्वारा 12वीं की एक छात्रा के परीक्षा में फेल होने पर नंबर बढ़ाने के लिए रविवार को अकेले में मोगल बाजार बुलाया गया था.

छात्रा ने इसकी जानकारी घरवालों को दे दी. घरवालों ने रविवार की शाम शिक्षक को शादीपुर मुहल्ले बुलाया और शिक्षक के आते ही उसकी पिटाई शुरू कर दी पिटाई. पिटाई होते देख वहां लोगों का जमावड़ा लगने लगा. किसी ने इस बात की सूचना कोतवाली थाना को दे दी. घटना की सूचना पा मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी शिक्षक को बचा किसी तरह थाना ले आई. लोग आरोपी शिक्षक को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करने लगे.

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नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी खबर, जानिए समय पर क्यों नहीं हो सकेगा चुनाव

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Desk: नगर निगम समेत शहरी निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर बिहार से बड़ी खबर है. बिहार में इसी साल यानी 2022 में नगर निगम/पालिका/पंचायत के चुनाव होने हैं लेकिन यह चुनाव समय पर होता हुआ संभव नहीं दिख रहा है. दरअसल इस बात का खुलासा तब हुआ है जब राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लिखे गए इस पत्र में इस बात की चर्चा की गई है कि नगर पालिका आम निर्वाचन 2022 के संबंध में विभागीय निर्णय और कार्रवाई के लिए कुछ मुख्य और अति अनिवार्य विषयों को राज्य निर्वाचन आयोग द्वार नगर आवास विभाग को प्रेषित किया गया था लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर जो कार्रवाई का फैसला लिया गया है उससे आयोग को अवगत नहीं कराया गया है.

 

इस वजह से समय पर चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा संभव नहीं है. निर्वाचन आयोग ने नगर विकास एवं आवास विकास विभाग से अनुरोध किया है कि विभागीय निर्णय और कार्रवाई से आयोग को अविलंब अवगत कराया जाए ताकि चुनाव के पहले की तैयारियों को सही दिशा दिया जा सके. इस पत्र में यह बताया गया कि त्वरित कार्रवाई इसलिए भी आवश्यक है ताकि नवगठित, उत्क्रमित और विस्तारित नगर निगमों में परिसीमन और वार्ड गठन के कार्य को अंतिम रूप दिया जा सके. आयोग ने  नगर विकास एवं आवास विभाग को यह सुझाव दिया है कि अगर संभव हो तो त्वरित कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर कैंप का भी आयोजन किया जाए.  गौरतलब है कि बिहार में नगर पालिका चुनाव 2022 में होना है और इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि अप्रैल या मई महीने तक चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी लेकिन निर्वाचन आयोग के पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल नगर पालिका चुनाव कराए जाने की राह में कई रुकावटें हैं.

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इस देश में मिल रहा 2 हजार रूपए लीटर दूध, हालत इतने बुरे कि पेट्रोल पंप पर बुलाई गई सेना

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Desk: भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका अब तक के सबसे गहरे खाद्य संकट से जूझ रहा है. देश में सभी जरूरी खाद्य वस्तुओं की भारी किल्लत है जिससे महंगाई उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. निचले तबके की स्थिति तो खराब है ही, नौकरीपेशा वर्ग की हालत भी खराब है. लोग देश छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हैं. श्रीलंका में तीन दिनों में ही दूध की कीमतों में 250 श्रीलंकाई रुपए का उछाल आया है.

श्रीलंका में दूध की भारी किल्लत हो गई है. दूध की कमी की वजह से कीमतों में असामान्य रूप से बढ़ोतरी हुई है और एक किलो दूध के लिए लोगों को करीब दो हजार रुपए (1,975 श्रीलंकाई रुपए) देने पड़ रहे हैं. लोग 400 ग्राम दूध खरीदने के लिए 790 रुपए दे रहे हैं. दूध के दामों में केवल पिछले तीन दिनों में ही 250 रुपए की बढ़ोतरी हुई है जो अब भी लगातार जारी है. इतनी महंगी कीमत चुकाने के बावजूद भी लोगों को दूध नहीं मिल पा रहा है. दुकानों से दूध के पैकेट गायब हैं. लोगों का कहना है कि श्रीलंका में सोना ढूंढना आसान है लेकिन दूध के लिए घंटों भटकना पड़ रहा है. जिन्हें दूध की जरूरत है, उन्हें तड़के सुबह ही दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. श्रीलंका में दूध एक दुर्लभ लग्जरी आइटम बन गया है. श्रीलंका में सरकार की नीतियों के कारण चावल और चीनी की भी भारी किल्लत हो गई है. कुछ समय पहले देश की राजपक्षे सरकार ने केमिलक फर्टिलाइजर्स पर पूर्णतः बैन लगा दिया और 100 प्रतिशत जैविक खेती पर जोर दिया. सरकार के इस फैसले से देश में कृषि उत्पादन बेहद कम हो गया. चावल और चीनी की किल्लत के कारण इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं.

श्रीलंका में चावल और चीनी 290 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. अनुमान है कि एक हफ्ते के अंदर ही चावल की कीमतें 500 रुपए हो जाएंगी. लोग अपने आने वाले कल को लेकर बेहद परेशान हैं और देश में जमाखोरी भी उफान पर है. कागज की कमी के कारण श्रीलंका की सरकार ने स्कूलों में परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. आर्थिक संकट ने श्रीलंका की कमर तोड़ दी है और पेट्रोलियम उत्पादों की भी भारी किल्लत हो गई है. देश के पेट्रोल पंपों पर महंगा तेल खरीदने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कतार में लंबे समय तक खड़े रहने के कारण श्रीलंका में तीन बुजुर्ग व्यक्तियों की मौत हो गई. इसके बाद सरकार ने पेट्रोल पंप पर सेना लगा दिया है. श्रीलंका की इस हालत के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं. विदेशी मुद्रा भंडार का कम होना उसकी इस हालत के लिए सबसे बड़ा कारक माना जा रहा है. तीन साल पहले जहां श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार 7.5 अरब डॉलर था वहीं पिछले साल नवंबर में ये गिरकर 1.58 अरब डॉलर हो गया. श्रीलंका पर चीन, जापान, भारत और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भारी कर्ज है लेकिन विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के कारण वो अपने कर्जों की किस्त तक नहीं दे पा रहा है.

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