भांग खाने वाले हो जाए सावधान, 60% तक बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

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DESK: एक नए शोध से यह बात सामने आई है कि भांग के सेवन से हृदय संबंधी समस्याओं की संभावना 60 प्रतिशत अधिक हो जाती है.यह अध्ययन कैनबिस (भांग) उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों की ओर इशारा करता है.अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ. अनीस बाहजी ने कहा, ”हमारा अध्ययन यह कहने के लिए पर्याप्त जानकारी प्रदान नहीं करता है कि कैनबिस (भांग) का उपयोग हृदय रोगों का कारण बनता है.ऐसा प्रतीत होता है कि भांग के सेवन से विकार वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा बिना विकार वाले लोगों की तुलना में बहुत अधिक होता है.

एक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 60,000 प्रतिभागियों पर नजर रखी, जिनमें से आधे को भांग के उपयोग से संबंधित विकार का निदान था और आधे को इसके बिना, लिंग, जन्म के वर्ष और स्वास्थ्य प्रणाली में प्रस्तुति के समय के आधार पर रखा गया. टीम ने जनवरी 2012 से दिसंबर 2019 तक प्रतिभागियों पर नजर रखी और पाया कि भांग के सेवन विकार वाले लोगों में से, 2.4 प्रतिशत (721) ने पहली बार हृदय रोग की घटना का अनुभव किया, जबकि अप्रकाशित समूह में 1.5 प्रतिशत (458) ने पहली बार हृदय रोग की घटना का अनुभव किया.

कैनबिस (भांग) उपयोग विकार वाले लोगों के समूह में, जिन लोगों को कोई बीमारी नहीं थी या वह किसी भी तरह की दवा का सेवन नहीं कर रहे थे.जिनके स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पांच से कम दौरे हुए हैं. उनमें अन्‍य समूहों की तुलना में 1.4 गुना अधिक खतरा है.शोधकर्ताओं ने समझाया, ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि वे लोग खुद को स्वस्थ मानते थे और उन्होंने कभी दिल के दौरे, स्ट्रोक या अन्य प्रमुख हृदय संबंधी घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया होगा.

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पेट में खतरनाक कीड़ों की वजह से अगर आपका भी बच्चा रहता है सुस्त तो मात्र इस दवाई के एक खुराक से हो जाएगा सब कुछ ठीक

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Barbigha:-जिले के बरबीघा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरकारी व निजी विद्यालय में बच्चों को शुक्रवार को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई. रेफरल अस्पताल बरबीघा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल अरशद खुद आदर्श कन्या मध्य विद्यालय पहुंचकर अपने हाथों से बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई. इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है.

सभी विद्यालयों में 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई. उन्होंने बताया कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आधा गोली जबकि 2 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली खिलाई गई.उन्होंने बताया कि क्रीमी संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी बच्चों को दवा खिलाना अत्यंत आवश्यक है. शुक्रवार को जो बच्चे छूट गए होंगे उन्हें 27 सितंबर को फिर से विशेष अभियान चला कर दवा खिलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि बच्चों के पेट में कीड़ा रहने से बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

इसके वजह से बच्चों का मानसिक तौर पर पूर्ण विकास नहीं हो पता. यही नहीं यह अनेकों रोगों का कारण भी बनता है. क्रीमी के कारण बच्चों के मानसिक के साथ-साथ शारीरिक एवं बौद्धिक विकास भी प्रभावित होता है. उन्होंने बच्चों के माता-पिता से आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक 6 माह पर बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली और खिलाते रहे.इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार ने भी बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने में काफी सहयोग किया.

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बरबीघा के डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल में ब्लड डोनेशन के लिए जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

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Barbigha:-रोटरी क्लब ऑफ शेखपुरा सेंट्रल की ओर से शनिवार को बरबीघा स्थित डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल में ब्लड ग्रुप टेस्टिंग प्रोग्राम-सह-ब्लड डोनेशन अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में तीन सौ छात्र-छात्राओं का ब्लड ग्रुप टेस्ट कर उन्हें रिपोर्ट दिया गया.कार्यक्रम में रोटरी क्लब शेखपुरा सेंट्रल के अध्यक्ष संजीव कुमार एवम सचिव निरंजन कुमार पाण्डेय सहित रोटेरियन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह, डॉ रामाश्रय प्रसाद सिंह, प्रिंस पीजे, संजीव कुमार, अमित कुमार सहित कई अन्य लोग भी सक्रिय रहे.

आगंतुक रोटेरियन अतिथियों का स्वागत विद्यालय के व्यवस्थापक रोटेरियन रोहित प्रसाद सिंह ने किया.कार्यक्रम में रोटेरियन चिकित्सकों द्वारा छात्र-छात्राओं को ब्लड डोनेशन के लिए भी जागरूक किया और उन्हें इसकी महत्ता समझाई.ब्लड डोनेशन के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की यात्रा के बीच इसके मानवीय महत्वों को विस्तार से समझाया गया.इस अवसर पर सभी रोटेरियन द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी संपादित किया गया.

विद्यालय के प्राचार्य सुधांशु शेखर ने अपने विद्यालय में इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए रोटरी क्लब के सदस्यों का आभार व्यक्त किया. वही इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि नई पीढ़ी में ब्लड डोनेशन के प्रति जागरूकता पैदा करने से एक स्वस्थ समाज का निर्माण होगा. लोगों के मन में खून देने की प्रति बैठे अनावश्यक डर दूर होंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को आसानी से खून उपलब्ध हो जाएगा.

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रेफरल अस्पताल बरबीघा में फिर बहाल हुई सिजेरियन की सुविधा.अबतक पांच गर्भवती महिलाओं का हुआ ऑपरेशन

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Barbigha:-रेफरल अस्पताल बरबीघा अपने बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए वैसे तो जिलेभर में अलग स्थान रखता है. इन स्वास्थ्य सुविधाओं में अब यह सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा भी जुड़ चुकी है.पिछले पंद्रह दिनों के अंदर पांच गर्भवती महिलाओं का सफल ऑपरेशन अब तक किया जा चुका है.इस संबंध में डॉक्टर फैजल अरशद ने बताया कि पिछले साल अस्पताल में पदस्थापित सर्जन डॉक्टर मनीष नारायण का तबादला होने के बाद सिजेरियन की सुविधा बंद हो गई थी.फिलहाल विभाग के निर्देश पर प्राइवेट सर्जन के जरिए अस्पताल में सिजेरियन की सुविधा प्रदान की जा रही है.

उन्होंने बताया कि अब तक तेउस गांव निवासी तथागत कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी,डीह गांव निवासी राजीव रंजन की पुत्री पूजा कुमारी, बभनबीघा गांव निवासी शंभूनाथ की पत्नी कुमारी रीत, नालंदा जिला के रवि कुमार की पत्नी पूजा कुमारी तथा गोड्डी गांव निवासी प्रीति कुमारी का सफल ऑपरेशन किया गया है.इनमें से चार महिलाओं को लड़का जबकि एक महिला ऑपरेशन के जरिए लड़की हुई है.अस्पताल में ऑपरेशन बिहारशरीफ के जाने-माने सर्जन डॉ प्रभात कुमार के द्वारा किया जा रहा है.उन्होंने बताया की अस्पताल में शुरू हुआ सिजेरियन की सुविधा खासकर गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.यहीं समाज के पढ़े-लिखे संभ्रांत लोग भी अब सरकारी अस्पतालों पर भरोसा दिखाने लगे हैं.

उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में ऑपरेशन के जरिए बच्चा होने पर कम से कम पचीस से तीस हजार रुपये का खर्च आता है.वही अस्पताल में यह सुविधा बिल्कुल निशुल्क है.यही नहीं गर्भावस्था काल के दौरान गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत हर महीने सभी तरह की जांच पड़ताल भी की जाती है. गर्भवती महिलाओं से संबंधित सभी तरह का जांच भी अस्पताल में निशुल्क होता है.हालांकि उन्होंने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं रहने से थोड़ी बहुत परेशानी होती है. इसे दूर करने के लिए भी विभागीय स्तर पर पहल किया जा रहा है.

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विश्व जनसंख्या दिवस पर निकाली गई जागरूकता रैली..छोटे परिवार के लिए किया गया जागरूक

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Barbigha:- विश्व जनसंख्या दिवस पर मंगलवार को रेफरल अस्पताल बरबीघा से जनसंख्या नियंत्रण हेतु लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए रैली निकाली गई. इस रैली में अस्पताल के सभी एएनएम, आशा, सीएचओ के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए. साइकिल पर निकाली गई जागरूकता रैली को अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल अरशद तथा बीसीएम इंदु कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

अस्पताल परिसर से रैली निकलकर प्रखंड कार्यालय पहुंचा.वहां से विभिन्न चौक चौराहा होते हुए वापस अस्पताल में आकर समाप्त हुआ. स्वास्थ्य कर्मियों ने साइकिल के आगे एक बैनर भी बांध रखा था. बैनर पर लोगों को छोटा परिवार अपनाने संबंधी जागरूकता स्लोगन लिखा हुआ था. रैली के दौरान स्वास्थ्य कर्मी छोटा परिवार व सीमित परिवार के फायदे बताते हुए चल रही थी. इस दौरान छोटा परिवार सुखी परिवार का नारा भी लगाया गया.इस मौके पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल अरशद ने कहा कि महंगाई के दौर में दो बच्चों के साथ माता-पिता का छोटा परिवार ज्यादा सुखी होता है.

परिवार में दो बच्चों का लालन-पालन बेहतर तरीके से किया जा सकता है.वही अधिक बच्चों वाला परिवार हमेशा समस्याओं और कमियों से जूझता रहता है. उन्होंने कहा कि परिवार की खुशहाली, शिक्षा स्वास्थ्य और तरक्की तभी संभव है जब परिवार से सिमित होगा. विकास के उपलब्ध संसाधनों का समुचित वितरण और बढ़ती जनसंख्या दर के बीच संतुलन कायम करने के उद्देश्य से आज जनसंख्या स्थिरीकरण की सबसे अधिक जरूरत है.उन्होंने बताया की जनसंख्या नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों के लिए स्थाई और अस्थाई साधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं.

लोग अपनी सुविधानुसार साधनों का उपयोग करके जनसंख्या नियंत्रण में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा सकते हैं. इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सक डॉ आनंद कुमार, बड़ा बाबू वैद्यनाथ,अमित कुमार, स्वास्थ्य कर्मी सूरज कुमार अभिषेक कुमार, राजू कुमार, सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे

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विश्व जनसंख्या दिवस पर निकाली गई जागरूकता रैली..स्वास्थ्य विभाग में लोगों को छोटे परिवार के लिए किया जागरूक

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Barbigha:- विश्व जनसंख्या दिवस पर मंगलवार को रेफरल अस्पताल बरबीघा से जनसंख्या नियंत्रण हेतु लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए रैली निकाली गई. इस रैली में अस्पताल के सभी एएनएम, आशा, सीएचओ के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए. साइकिल पर निकाली गई जागरूकता रैली को अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल अरशद तथा बीसीएम इंदु कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

अस्पताल परिसर से रैली निकलकर प्रखंड कार्यालय पहुंचा.वहां से विभिन्न चौक चौराहा होते हुए वापस अस्पताल में आकर समाप्त हुआ. स्वास्थ्य कर्मियों ने साइकिल के आगे एक बैनर भी बांध रखा था. बैनर पर लोगों को छोटा परिवार अपनाने संबंधी जागरूकता स्लोगन लिखा हुआ था. रैली के दौरान स्वास्थ्य कर्मी छोटा परिवार व सीमित परिवार के फायदे बताते हुए चल रही थी. इस दौरान छोटा परिवार सुखी परिवार का नारा भी लगाया गया.

इस मौके पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैजल अरशद ने कहा कि महंगाई के दौर में दो बच्चों के साथ माता-पिता का छोटा परिवार ज्यादा सुखी होता है.परिवार में दो बच्चों का लालन-पालन बेहतर तरीके से किया जा सकता है.वही अधिक बच्चों वाला परिवार हमेशा समस्याओं और कमियों से जूझता रहता है. उन्होंने कहा कि परिवार की खुशहाली, शिक्षा स्वास्थ्य और तरक्की तभी संभव है जब परिवार से सिमित होगा.

विकास के उपलब्ध संसाधनों का समुचित वितरण और बढ़ती जनसंख्या दर के बीच संतुलन कायम करने के उद्देश्य से आज जनसंख्या स्थिरीकरण की सबसे अधिक जरूरत है.उन्होंने बताया की जनसंख्या नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों के लिए स्थाई और अस्थाई साधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं.

लोग अपनी सुविधानुसार साधनों का उपयोग करके जनसंख्या नियंत्रण में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा सकते हैं. इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सक डॉ आनंद कुमार, बड़ा बाबू वैद्यनाथ,अमित कुमार, स्वास्थ्य कर्मी सूरज कुमार अभिषेक कुमार, राजू कुमार, सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे

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अस्पताल के प्रभारी डॉ फैसल अरशद ने अपनी पत्नी के साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए पौधे

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Barbigha:-रेफरल अस्पताल बरबीघा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैसल अरशद के द्वारा सोमवार को अस्पताल परिसर में कई सारे पौधे लगाए गए.विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस पौधारोपण कार्यक्रम में उनकी पत्नी डॉ नूर फातिमा ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी दिखाई.बेहतरीन चिकित्सक और प्रशासनिक पदाधिकारी होने के साथ-साथ डॉक्टर फैजल अरशद पर्यावरण के प्रति भी काफी सजग रहते हैं.

जब भी उन्हें मौका मिलता है अस्पताल परिसर में पेड़ पौधे लगाने से नहीं चूकते हैं.यही नहीं पेड़ पौधों में नियमित पानी डालना और उसकी देखभाल करवाना वह नियमित रूप से करते हैं.उनके प्रयास से अस्पताल कैंपस में लोगों को काफी हरियाली देखने को मिलती है. डॉक्टर फैजल अरशद ने कहा कि हरे भरे पेड़ पौधे उन्हें काफी आकर्षित करते है.

पेड़ पौधे की सेवा करके उन्हें काफी सुकून मिलता है. पेड़ पौधे जहां लोगों को आनंददाई पल देते हैं वहीं पर्यावरण के लिए भी काफी उपयोगी होते हैं.डॉ नूर फातिमा ने बताया कि अस्पताल के अलावा डॉ फैसल अरशद को जब भी मौका मिलता है, अपने बिहारशरीफ स्थित घर पर भी बागवानी करने से नहीं चूकते हैं. उन्होंने कहा कि पर्यावरण को साफ और स्वच्छ रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए.पेड़ पौधों में कमी होने के कारण मानव जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है.

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राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का CM ने किया उद्घाटन..स्व० राजो बाबू का सपना हुआ पूरा..विधायक ने जताई खुशी

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Barbigha:-शेखपुरा जिला के शेखोपुर सराय प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाजितपुर खुड़िया में नवनिर्मित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का विधिवत उद्घाटन किया गया.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा वर्चुअल माध्यम से कॉलेज का उद्घाटन किया गया.उद्घाटन समारोह में स्थानीय स्तर पर मुख्य अतिथि के रूप में बरबीघा विधायक सुदर्शन कुमार शामिल हुए.

मौके पर शेखपुरा में प्रभारी डीएम सह डीडीसी अरुण कुमार झा पूर्वी जिला परिषद सदस्य रघुनंदन कुमार भवन निर्माण विभाग के पदाधिकारी के साथ-साथ बड़ी संख्या में अधिकारी गण मौजूद रहे. सोमवार के दिन ही वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा कई जिलों में विभिन्न भवनों का उद्घाटन किया.इस मौके पर वर्चुअल माध्यम से ही उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सुमित कुमार सिंह भवन निर्माण मंत्री डॉ अशोक चौधरी के अलावे नवादा के लोजपा सांसद नवादा चंदन सिंह सहित अन्य लोग भी शामिल हुए.

कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण करते विधायक सुदर्शन कुमार

उद्घाटन के साथ-साथ विश्व पर्यावरण दिवस होने के कारण विधायक के साथ अधिकारियों द्वारा कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया. उद्घाटन के बाद खुशी व्यक्त करते हुए विधायक सुदर्शन कुमार ने कहा कि जिले के निर्माता तथा राजनीति के अपराजय योद्धा और मेरे बाबा स्वर्गीय राजो बाबू का सपना था कि इस जिले में भी एक इंजीनियरिंग कॉलेज हो. माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में उनके सपनों को साकार होता देख आज सुखद अनुभूति प्रतीत हो रही है.

मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कॉलेज के ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह में शामिल होने का मौका मिला. राजकीय अभियंत्रण कॉलेज के सुचारू रूप से चालू होने के बाद क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा में काफी सहायता मिलेगी.उन्होंने कहा कि वे बरबीघा विधानसभा के पूर्ण विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं.

 

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डिलीवरी के बाद बच्चे की हुई मौत परिजन ने लापरवाही का लगाया आरोप..प्रभारी से लगाई न्याय की गुहार

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Barbigha:-बरबीघा रेफरल अस्पताल में रविवार की सुबह डिलीवरी के बाद नवजात की हुई मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया.परिजनों ने डॉक्टर और नर्स पर डिलीवरी के वक्त लापरवाही का आरोप लगाया है.दरअसल बरबीघा नगर क्षेत्र के नारायणपुर मोहल्ला निवासी विक्की कुमार अपनी पत्नी की डिलीवरी करवाने के लिए रविवार की अहले सुबह 4:00 बजे रेफरल अस्पताल बरबीघा में भर्ती कराया था.कुछ घंटे बाद महिला को डिलीवरी तो हुई लेकिन बच्चा मर गया.

विक्की कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी के वक्त कमरे में सिर्फ एक नर्स मौजूद थी.उसने कहा कि अगर डिलीवरी रूम में डॉक्टर की मौजूदगी होती तो उसका बच्चा नहीं मरता.विक्की कुमार ने बताया कि डॉक्टर से बच्चे की मौत की वजह पूछने पर उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले पेट में ही बच्चा मर चुका था.जबकि बच्चे की मौत के बाद उसके नाक और मुंह से लगातार ताजा ब्लड निकल रहा था.

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने काफी देर तक अस्पताल में हंगामा किया. मामले को लेकर जिलाधिकारी और अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के मोबाइल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई.विक्की कुमार ने बताया कि इस मामले को वे जिलाधिकारी के पास लिखित रूप से शिकायत दर्ज कर संबंधित डॉक्टर पर कार्यवाई की मांग करेंगे.वही मामले पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फैसल अरशद ने कहा कि वे खुद इस मामले की जांच कर उचित कार्यवाई करेंगे.

बताते चलें कि कुछ दिन पहले एक महिला चिकित्सक की लापरवाही की वजह से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी.उस समय महिला चिकित्सक ने गंभीर अवस्था में महिला को बिना प्राथमिक उपचार के सीधा हायर सेंटर रेफर कर दिया था. हाल के दिनों में रेफ़रल अस्पताल बरबीघा में चिकित्सकों की लापरवाही आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है.अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैसल अरशद अकेले अपने दम पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने का प्रयास करते रहते हैं. लेकिन कुछ लापरवाह स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर उनके प्रयासों पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे हैं.

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बिना प्राथमिक उपचार के मरीज को किया रेफर..हुई मौत रेफरल अस्पताल बरबीघा का मामला

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Barbigha:-बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आसपास के क्षेत्रों में मशहूर रेफरल अस्पताल बरबीघा में शुक्रवार को महिला चिकित्सक की लापरवाही देखने को मिली. महिला चिकित्सक सुनीता कुमारी की लापरवाही की वजह से एक बुजुर्ग महिला मरीज की रास्ते में ही मौत हो गई.मृतक महिला की पहचान बरबीघा प्रखंड क्षेत्र के कुटोत गांव निवासी भरत राम की पत्नी जानकी देवी के रूप में की गई है.

दरअसल शुक्रवार को 10:00 बजे के आसपास जानकी देवी को सांस लेने में हो रही शिकायत के बाद परिजन इलाज करवाने के लिए बरबीघा रेफरल अस्पताल पहुंचे थे.ड्यूटी पर उस समय अस्पताल के पूर्व प्रभारी तथा महिला चिकित्सक डॉ सुनीता कुमारी मौजूद थे.पर्चा कटवा कर परिजन जानकी देवी को डॉक्टर सुनीता कुमारी के समक्ष ले गए.डॉ सुनीता कुमारी ने जानकी देवी को बिना किसी प्राथमिक उपचार के तुरंत सदर अस्पताल शेेेखपूरा रेफर कर दिया.

मृतक महिला के परिजनों ने बताया कि दवा सुई देना तो दूर महिला चिकित्सक ने हाथ लगाना तक जरूरी नहीं समझा.जानकी देवी का लगातार सांस फूल रहा था. लेकिन उन्हें अस्पताल में ऑक्सीजन मौजूद होने के बावजूद ऑक्सीजन नहीं दिया गया. रेफर करने के बाद एंबुलेंस चालक जानकी देवी को सदर अस्पताल ले जाना चाह रहे थे. लेकिन प्राथमिक उपचार नहीं होने से नाराज परिजनों ने निजी वाहन के माध्यम से उन्हें किसी निजी क्लीनिक में भर्ती कराना चाहा. लेकिन जानकी देवी की जान नहीं बचाई जा सकी.

परिजनों ने बताया कि प्राथमिक उपचार अगर समय पर होता तो जानकी देवी की जान बच सकती थी.इस घटना को लेकर मृतक महिला के गांव के निवासी तथा प्रखंड प्रमुख विनोद राम ने भी गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उधर पूरे मामले पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फैजल अरशद ने कहा कि इस तरह का मामला कदापि बर्दाश्त योग्य नहीं है. अगर इस तरह की लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब हो कि अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर फैज़ल अरशद लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए प्रयास करते रहते हैं. लेकिन कुछ डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से अक्सर उनके प्रयासों पर पानी फिर जाता है और अस्पताल की किरकिरी हो जाती है.डॉक्टर सुनीता कुमारी की लापरवाही भी किसी से छुपी हुई नहीं है. ड्यूटी में लापरवाही के कारण ही उन्हें प्रभारी से हटाकर डॉक्टर फैजल को प्रभारी बनाया गया था.

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